दंड प्रक्रिया संहिता, 1973/द्वितीय अनुसूची/35 / 57
प्ररूप 35प्रतिकर का संदाय करने में असफल रहने पर कारावास का वारण्ट
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 196स्रोत
यह प्ररूप बदल दिया गया है
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू
(धारा 250 देखिए)
प्रेषिती—
……(स्थान) की जेल का भारसाधक अधिकारी……(नाम और वर्णन) ने ……(अभियुक्त का नाम और वर्णन) के विरुद्ध यह परिवाद किया है कि……(इसे थोड़े में वर्णन कीजिए) और वह इस आधार पर खारिज कर दिया गया है कि उक्त (नाम)……के विरुद्ध अभियोग लगाने के लिए उचित आधार नहीं है और खारिज करने का आदेश यह अधिनिर्णीत करता है कि उक्त……(परिवादी का नाम) द्वारा प्रतिकर के रूप में……रुपए की राशि का संदाय किया जाए ; और उक्त राशि अभी तक दी नहीं गई है और यह आदेश कर दिया गया है कि उसे……दिन की अवधि के लिए, यदि पूर्वोक्त राशि उससे पूर्व नहीं दे दी जाती है तो जेल में सादा कारावास में रखा जाए ;
इसलिए आपको प्राधिकृत किया जाता है और आपसे अपेक्षा की जाती है कि आप उक्त……(नाम) को अपनी अभिरक्षा में इस वारण्ट के सहित ले और भारतीय दंड संहिता की धारा 69 के उपबंधों के अधीन रहते हुए उससे उक्त जेल में उक्त अवधि ……(कारावास की अवधि) के लिए, यदि उक्त राशि उससे पूर्व नहीं दे दी जाती है तो सुरक्षित रखें और उक्त राशि के प्राप्त होने पर उसे तत्काल स्वतंत्र कर दें और इस वारण्ट के निष्पादन की रीति को पृष्ठांकन द्वारा प्रमाणित करते हुए इसे लौटा दें।
ता० ……(हस्ताक्षर)
(न्यायालय की मुद्रा)
संशोधन टिप्पणियां
- 1978 के अधिनियम सं० 5 की धारा 35 द्वारा “मजिस्ट्रेट” के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।