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दंड प्रक्रिया संहिता, 1973

दंड प्रक्रिया संहिता, 1973/द्वितीय अनुसूची/39 / 57

प्ररूप 39उत्तर देने से या दस्तावेज पेश करने से इंकार करने वाले साक्षी की सुपुर्दगी के लिए मजिस्ट्रेट या न्यायाधीश का वारण्ट

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 198स्रोत

यह प्ररूप बदल दिया गया है

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू

(धारा 349 देखिए)

प्रेषिती—

……(न्यायालय के अधिकारी का नाम और पदाभिधान) ……(नाम और वर्णन) ने साक्षी के रूप में समन किए जाने पर (या इस न्यायालय के समक्ष लाए जाने पर) और अभिकथित अपराध की जांच में साक्ष्य देने की आज अपेक्षा की जाने पर उक्त अभिकथित अपराध के बारे में उससे पूछे गए और सम्यक् रूप से अभिलिखित प्रश्न (या प्रश्नों) का उत्तर देने से या दस्तावेज पेश करने की अपेक्षा किए जाने पर ऐसे दस्तावेज को पेश करने से इंकार किया है और इंकार करने के लिए किसी न्यायसंगत प्रतिहेतु का अभिकथन नहीं किया है और इस इंकार के लिए उसको ……(न्यायनिर्णीत निरोध की अवधि) के लिए अभिरक्षा में निरुद्ध किए जाने के लिए आदिष्ट किया गया है ;

इसलिए आपको प्राधिकृत किया जाता है और आपसे अपेक्षा की जाती है कि आप उक्त…… ……(नाम) को अपनी अभिरक्षा में लें और उसे अपनी अभिरक्षा में ……दिनों की अवधि के लिए, जब तक कि इस बीच में ही वह अपनी ऐसी परीक्षा किए जाने और उससे पूछे गए प्रश्नों का उत्तर देने के लिए या उससे अपेक्षित दस्तावेज को पेश करने के लिए सहमत न हो जाए, सुरक्षित रखें और उसे इन दिनों में से अंतिम दिन, या ऐसी सहमति के ज्ञात होने पर तत्काल, विधि के अनुसार कार्रवाई की जाने के लिए इस न्यायालय के समक्ष लाएं और इस वारण्ट के निष्पादन की रीति को पृष्ठांकन द्वारा प्रमाणित करते हुए इसे लौटा दें।

ता० ……(हस्ताक्षर)

(न्यायालय की मुद्रा)

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