दंड प्रक्रिया संहिता, 1973/द्वितीय अनुसूची/34 / 57
प्ररूप 34यदि कारावास या जुर्माने का दंडादेश [न्यायालय] द्वारा दिया गया है तो उस पर सुपुर्दगी का वारण्ट
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भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू
प्रेषिती—
……(स्थान) की जेल का भारसाधक अधिकारी सन्……के कलेण्डर के मामले संख्यांक……में बंदी (या यस्थास्थिति पहले, दूसरे, तीसरे बंदी)……(बंदी का नाम)……को मेरे द्वारा ……(नाम और शासकीय पदाभिधान) भारतीय दंड संहिता की (या……अधिनियम की) धारा (या धाराओं)……के अधीन……(अपराधों का थोड़े में वर्णन कीजिए) के अपराध के लिए दोषसिद्ध किया गया और……(दंड पूर्णतया और स्पष्टतया लिखिए) के लिए तारीख……को दंडादिष्ट किया गया ।
इसलिए आपको प्राधिकृत किया जाता है और आपसे अपेक्षा की जाती है कि आप उक्त……(बंदी का नाम) को उक्त जेल में अपनी अभिरक्षा में इस वारण्ट के सहित लेकर पूर्वोक्त दंड को विधि के अनुसार निष्पादित करें ।
ता० ……(हस्ताक्षर)
(न्यायालय की मुद्रा)
संशोधन टिप्पणियां
- 1978 के अधिनियम सं० 45 की धारा 35 द्वारा “(धारा 248 और 255 देखिए)” के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
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