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दंड प्रक्रिया संहिता, 1973

दंड प्रक्रिया संहिता, 1973/द्वितीय अनुसूची/7 / 57

प्ररूप 7अभियुक्त व्यक्ति को हाजिर होने के लिए विवश करने के लिए कुर्की का आदेश

अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, PDF पृष्ठ 182स्रोत

यह प्ररूप बदल दिया गया है

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू

(धारा 83 देखिए)

प्रेषिती—

……(उस व्यक्ति का या उन व्यक्तियों के नाम और पदनाम जिसे या जिन्हें वारण्ट निष्पादित करना है)

मेरे समक्ष परिवाद किया गया है कि……(नाम, वर्णन और पता) ने भारतीय दंड संहिता की धारा……के अधीन दंडनीय ……का अपराध किया है (या संदेह है कि उसने किया है), और उस पर जारी किए गए गिरफ्तारी के वारंट को यह लिखकर लौटा दिया गया है कि उक्त……(नाम) मिल नहीं रहा है और मुझे समाधानप्रद रूप में यह दर्शित कर दिया गया है कि उक्त……(नाम) फरार हो गया है (या उक्त वारण्ट की तामील से बचने के लिए अपने आपको छिपा रहा है) और उस पर उक्त……से यह अपेक्षा करने वाली उद्घोषणा सम्यक् रूप से जारी और प्रकाशित की जा चुकी है या की जा रही है कि वह……दिन के अंदर उक्त आरोप का उत्तर देने के लिए हाजिर हो ; तथा ……जिले में……ग्राम (या नगर) में सरकार को राजस्वदायी भूमि से भिन्न निम्नलिखित संपत्ति अर्थात्……उक्त……के कब्जे में है और उसकी कुर्की के लिए आदेश किया जा चुका है;

इसलिए आपसे अपेक्षा की जाती है कि आप उक्त संपत्ति को धारा 83 की उपधारा (2) के खंड (क) या खंड (ग) या दोनों * में विनिर्दिष्ट रीति से कुर्क कर लें और उसे इस न्यायालय का आगे और कोई आदेश होने तक कुर्क रखें और इस वारंट के निष्पादन की रीति में पृष्ठांकन द्वारा प्रमाणित करके इसे लौटा दें।

ता० ……(हस्ताक्षर)

(न्यायालय की मुद्रा)

* कुर्क की जाने वाली संपत्ति के स्वरूप के आधार पर किसी एक को, जो लागू न हो, काट दिया जाए ।

यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।