दंड प्रक्रिया संहिता, 1973/द्वितीय अनुसूची/56 / 57
प्ररूप 55सदाचार के बंधपत्र के समपहरण पर कुर्की और विक्रय का वारण्ट
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भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · 1 जुलाई 2024 से लागू
(धारा 446 देखिए)
प्रेषिती—
……(स्थान) के पुलिस थाने का भारसाधक पुलिस अधिकारी ।
……(नाम, वर्णन और पता) ने तारीख……को……(कर्ता का नाम आदि) के सदाचार के लिए……रुपए की राशि के बंधपत्र द्वारा प्रतिभूति दी थी और मेरे समक्ष यह सबूत दिया गया है और वह सम्यक् रूप से अभिलिखित किया गया है कि उक्त (नाम) ने……का अपराध किया है और इसलिए उक्त बंधपत्र समपहृत हो गया है, और उक्त (नाम) को यह अपेक्षा करते हुए सूचना दी गई थी कि वह कारण बताए कि उक्त रकम का संदाय क्यों नहीं किया जाना चाहिए तथा वह ऐसा करने में या उक्त राशि का संदाय करने में असफल रहा है ;
इसलिए आपको प्राधिकृत किया जाता है और आपसे अपेक्षा की जाती है कि आप उक्त (नाम) की……जिले में पाई जाने वाली……रुपए के मूल्य की जंगम सम्पत्ति को, उसका अभिग्रहण करके कुर्क कर लें और यदि उक्त राशि ……के भीतर नहीं दी दी जाती है तो इस प्रकार कुर्क की गई सम्पत्ति या उसके उतने भाग को जो उस राशि की वसूली के लिए पर्याप्त हो बेच दें और इस वारण्ट का निष्पादन करने पर तुंत यह विवरण दें कि आपने इस वारण्ट के अधीन क्या किया है।
ता० ……
(हस्ताक्षर)
(न्यायालय की मुद्रा)
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