भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/द्वितीय अनुसूची/44 / 58
प्ररूप 44कुर्की और विक्रय द्वारा जुर्माने का उद्ग्रहण करने के लिए वारंट
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 459स्रोत
पुराना प्ररूप
दंड प्रक्रिया संहिता, 1973
(धारा 461 देखिए)
प्रेषिती—
……(उस पुलिस अधिकारी का या उस अन्य व्यक्ति का या उन अन्य व्यक्तियों के नाम और पदाभिधान जिसे या जिन्हें वारंट निष्पादित करना है) ।
……(अपराधी का नाम और वर्णन) तारीख……को ……(अपराध का संक्षेप में वर्णन कीजिए) के अपराध के लिए मेरे समक्ष दोषसिद्ध किया गया था और……रुपए का जुर्माना देने के लिए दंडादिष्ट किया गया था तथा उक्त……(नाम) ने उक्त जुर्माना देने की अपेक्षा की जाने पर भी वह जुर्माना या उसका कोई भाग नहीं दिया है;
इसलिए आपको प्राधिकृत किया जाता है और आपसे अपेक्षा की जाती है कि आप……जिले के भीतर पाई जाने वाली उक्त……(नाम) की किसी भी चल संपत्ति को कुर्क करें ; और यदि ऐसी कुर्की के ठीक पश्चात्……(अनुज्ञात दिनों या घंटों की संख्या) के भीतर (या तत्काल) उक्त राशि न दी जाए तो कुर्क की गई चल संपत्ति का या उसके इतने भाग का जितना उक्त जुर्माने की पूर्ति के लिए पर्याप्त हो, विक्रय कर दें और इस वारंट के अधीन जो कुछ आपने किया हो उसे प्रमाणित करते हुए इसे, इसका निष्पादन हो जाने पर, पृष्ठांकन करके तुंरत लौटा दें ।
तारीख ……
(न्यायालय की मुद्रा)(हस्ताक्षर)
यह वेबसाइट केवल जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। किसी भी अंतर की स्थिति में भारत के राजपत्र में प्रकाशित आधिकारिक पाठ ही मान्य होगा।