भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/द्वितीय अनुसूची/27 / 58
प्ररूप 27भूमि आदि के कब्जे के बारे में विवाद के मामले में कुर्की का वारंट
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 440स्रोत
पुराना प्ररूप
दंड प्रक्रिया संहिता, 1973
(धारा 165 देखिए)
प्रेषिती—
……(स्थान) के पुलिस थाने का भारसाधक पुलिस अधिकारी ।
[या……(स्थान) का कलक्टर] ।
मुझे यह प्रतीत कराया गया है कि मेरी अधिकारिता की सीमाओं के भीतर स्थित……(विवादवस्तु संक्षेप में लिखिए) संबद्ध विवाद, जिससे परिशांति भंग हो जाना संभाव्य है,……(संबद्ध पक्षकारों के नाम और निवास, या यदि विवाद ग्रामीणों के समूहों के बीच है तो केवल निवास का वर्णन कीजिए) के बीच है और तब उक्त पक्षकारों से सम्यक् रूप से अपेक्षा की गई थी कि वे उक्त……(विवादवस्तु) पर वास्तविक कब्जे के तथ्य के बारे में अपने दावे का लिखित कथन दें, और उक्त दावों की सम्यक् जांच करने पर मैंने यह विनिश्चय किया है कि उक्त……(विवाद-वस्तु) पर कब्जा उक्त पक्षकारों में से किसी का भी नहीं है (या यथापूर्वोक्त रूप में कब्जा किस पक्षकार का है इस बारे में अपना समाधान करने में मैं असमर्थ हूं);
इसलिए आपको प्राधिकृत किया जाता है और आपसे अपेक्षा की जाती है कि आप उक्त ……(विवाद-वस्तु) को उसका कब्जा लेकर और रखकर कुर्क करें और जब तक पक्षकारों के अधिकारों का या कब्जे के दावे का अवधारण करने वाली सक्षम न्यायालय की डिक्री या आदेश प्राप्त न कर ली जाए या न कर लिया जाए तब तक उसे कुर्क रखे रहें और इस वारंट के निष्पादन की रीति को पृष्ठांकन द्वारा प्रमाणित करते हुए इसे लौटा दें ।
तारीख ……
(न्यायालय की मुद्रा)(हस्ताक्षर)
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