भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/द्वितीय अनुसूची/28 / 58
प्ररूप 28भूमि या जल पर किसी बात के किए जाने का प्रतिषेध करने वाला मजिस्ट्रेट का आदेश
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 441स्रोत
पुराना प्ररूप
दंड प्रक्रिया संहिता, 1973
(धारा 166 देखिए)
मेरी स्थानीय अधिकारिता के भीतर स्थित……(विवाद-वस्तु को संक्षेप में लिखिए) के उपयोग के अधिकार से संबद्ध, जिस भूमि (या जल) पर अनन्य कब्जे का दावा……(व्यक्ति या व्यक्तियों का वर्णन कीजिए) द्वारा किया गया है, विवाद उठने पर और उसकी सम्यक् जांच से मुझे यह प्रतीत होने पर कि उक्त भूमि (या जल) का जनता (या यदि व्यक्ति-विशेष या व्यक्तियों के वर्ग द्वारा उपयोग किया जाता है तो उसका या उनका वर्णन कीजिए) के लिए ऐसे उपयोग का उपभोग करना खुला रहा है और (यदि सारे वर्ष के उपयोग का उपभोग किया जाता है तो) उक्त जांच के संस्थित किए जाने के तीन मास के भीतर (या यदि उपयोग का विशिष्ट मौसमों में ही उपभोग किया जा सकता है तो कहिए “उन मौसमों में से, जिनमें कि उसका उपभोग किया जा सकता है, अंतिम मौसम के दौरान”) उक्त उपयोग का उपभोग किया गया है ;
मैं यह आदेश देता हूं कि उक्त……(कब्जे का या के दावेदार) या उसके (या उनके) हित में कोई व्यक्ति उक्त भूमि (या जल) का कब्जा, यथापूर्वोक्त उपयोग के अधिकार के उपभोग का अपवर्जन करके, न लेगा (या प्रतिधारित न करेगा) जब तक वह (या वे) सक्षम न्यायालय से उसे (या उन्हें) अनन्य कब्जे का (या के) हकदार न्यायनिर्णीत करने वाली डिक्री या आदेश प्राप्त न कर ले (या लें) ।
तारीख ……
(न्यायालय की मुद्रा)(हस्ताक्षर)
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