भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023/द्वितीय अनुसूची/42 / 58
प्ररूप 42दंडादेश के लघूकरण के पश्चात् वारंट
अभी सत्यापित नहींआधिकारिक PDF, राजपत्र पृष्ठ 457स्रोत
पुराना प्ररूप
दंड प्रक्रिया संहिता, 1973
प्रेषिती—
……(स्थान) की कारागार का भारसाधक अधिकारी
तारीख……को हुए सेशन में ……(बंदी का नाम), जो उक्त सेशन में 20……के कलेण्डर के मामला संख्यांक…… में बंदी (या, यथास्थिति, पहला, दूसरा, तीसरा बंदी) है, भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा……के अधीन दंडनीय……के अपराध के लिए दोषसिद्ध किया गया था और……के लिए दंडादिष्ट किया गया था और तब आपकी अभिरक्षा में सुपुर्द किया गया था तथा……के……न्यायालय के आदेश द्वारा (जिसकी दूसरी प्रति इसके साथ संलग्न है) उक्त दंडादेश द्वारा न्यायनिर्णीत दंड का आजीवन कारावास के दंड के रूप में लघूकरण किया गया है ;
इसलिए आपको प्राधिकृत किया जाता है और आपसे अपेक्षा की जाती है कि आप उक्त…… (बंदी का नाम) को उक्त कारागार में अपनी अभिरक्षा में, विधि द्वारा यथा अपेक्षित, तब तक सुरक्षित रखें जब तक वह उक्त आदेश के अधीन आजीवन कारावास का दंड भुगतने के प्रयोजन के लिए आपके द्वारा समुचित प्राधिकारी को और अभिरक्षा में परिदत्त न कर दिया जाए,
या
यदि कम किया गया दंडादेश कारावास का है तो “उक्त कारागार में अपनी अभिरक्षा में” शब्दों के पश्चात् लिखिए “सुरक्षित रखें और वहां उक्त आदेश के अधीन कारावास के दंड को विधि के अनुसार निष्पादित करें” ।
तारीख ……
(न्यायालय की मुद्रा)(हस्ताक्षर)
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